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दीपावली का वास्तविक अर्थ समझें- मुनि जयंत कुमार

भारतवर्ष में जितने भी पर्व हंै, उनमें दीपावली सर्वाधिक लोकप्रिय और जन-जन के मन में हर्ष-उल्लास पैदा करने वाला पर्व है. वैदिक प्रार्थना है,...

होली कोरा पर्व ही नहीं, संस्कृति भी

भारत जैसे धर्मप्रधान और तीज-त्यौहारों वाले देश में होली अनूठा एवं अलौकिक त्यौहार है. यह लोक पर्व है, मनुष्यता का पर्व है, समाज का...

जीवंत आदिवासी समाज की उपेक्षा क्यों- गणि राजेन्द्र विजय

                     अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस 9 अगस्त 2017 पर विशेष गैर आदिवासी लोगों के बसने के कारण...

विस्तारक योजना संगठनात्मक प्रक्रिया है, जो जनता से जुड़े रहने का अवसर देती है-...

  नई दिल्ली. दिल्ली भाजपा के सह-प्रभारी एवं राष्ट्रीय मंत्री तरूण चुघ ने नजफगढ़, महरौली एवं नवीन शाहदरा जिलों में कार्यकर्ताओं के साथ पंडित दीनदयाल...

अब एक नयी सम्पूर्ण क्रांति हो…

आजादी के आंदोलन से हमें ऐसे बहुत से नेता मिले जिनके प्रयासों के कारण ही यह देश आज तक टिका हुआ है. और उसकी...

राज्यसभा की प्रासंगिकता पर सवाल क्यों?

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर विवाद होना और सवाल उठना स्वाभाविक है. इस मसले ने एक बार फिर राज्यसभा की उपयोगिता...

सीलिंग और सियासत

राजधानी में पिछले दो से ज्यादा महीने से चल रही सीलिंग प्रक्रिया और उस पर हो रही सियासत थमने का नाम नहीं ले रही....

जैन धर्म का महापर्व है पर्यूषण- गणि राजेन्द्र विजय

पर्यूषण महापर्व पर विशेष दुनिया के प्राचीन धर्मों में अग्रणी है जैन धर्म। जैन संस्कृति में जितने भी पर्व व त्यौहार मनाए जाते हैं, लगभग...

न्याय की धीमी गति पर खड़े हुए सवाल

देश में कानून प्रक्रिया की धीमी एवं सुस्त गति एक ऐसी त्रासदी बनती जा रही है, जिसमें न्यायालयों में न्याय के बजाय तारीखों का...

बलात्कार अपराध या मानसिकता..?

प्राचीन युग से ही हमारे समाज में नारी का विशेष स्थान रहा है. हमारे पौराणिक ग्रंथों में नारी को पूजनीय एवं देवीतुल्य माना गया...





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