Home State News गंगा साफ करने को 2033 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी

गंगा साफ करने को 2033 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी

9
0
SHARE
News Pics

डेस्क.
नई दिल्ली. 09 अगस्त. राष्‍ट्रीय स्‍वच्‍छ गंगा मिशन ने बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्‍तर प्रदेश में लगभग 2033 करोड़ रुपये लागत की 10 परियोजनाओ को मंजूरी दी है. इन 10 परियोजनाओं में से 8 परियोजनाएं जल-मल बु़नियादी ढांचा और शोधन से संबंधित हैं. एक परियोजना नदी तट विकास और एक परियोजना गंगा ज्ञान केंद्र से संबंधित है. इन परियोजनाओं को राष्‍ट्रीय स्‍वच्‍छ गंगा मिशन की कार्यकारी समि‍ति की 5वीं बैठक में मंजूरी दी गई.
बिहार में बाढ़ और पटना में कंकड़बाग और दीघा में कुल 1461 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली तीन प्रमुख जल-मल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. इन परियोजनाओं से 161 एमएलडी (दीघा में 100 एमएलडी, कंकरबाग में 50 एमएलडी और बाढ़ में 11 एमएलडी) की अतिरिक्‍त जल-मल शोधन क्षमता का सृजन होगा. गौरतलब है, कि वर्तमान में पटना के कंकरबाग और दीघा जल-मल क्षेत्रों में कोई एसटीपी नहीं है. उल्‍लेखनीय है, कि नमामी गंगे कार्यक्रम के तहत पटना के बेऊर, सैदपुर, करमालीचक और पहाड़ी जल-मल क्षेत्रों में 200 एमएलडी जलमल शोधन क्षमताओं को जुटाने की पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है.
इसी तरह पश्चिम बंगाल में 495.47 करोड़ रुपये की पुस्तकों की आपूर्ति  अनुमानित लागत वाली तीन परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है. इन तीन में से दो परियोजनाएं जल-मल बुनियादी ढांचे से संबंधित हैं जबकि तीसरी परियोजना नदी तट विकास के लिए है. हावड़ा में गंगा नदी के लिए तथा कोलकाता में गंगा की सहायक नदी टॉली नाला (आदि गंगा नाम से प्रसिद्ध) के प्रदूषण उपशमन और पुनर्वास कार्यों के लिए 492.34 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. इन दोनों परियोजनाओं से कोलकाता में 91एमएलडी की अतिरिक्‍त जल-मल शोधन क्षमता का सृजन होगा. पश्चिम बंगाल के नवद्वीप शहर में बोरल फैरी और बोरल स्‍नान घाटों के नवीकरण के लिए एक विस्‍तृत परियोजना रिपोर्ट की मंजूरी भी दी गई है. इस परियोजना की अनुमानित लागत 3.13 करोड़ रुपये है. इस परियोजना में नदी के किनारे का संरक्षण कार्य, प्रतीक्षा कक्षों ,सीढ़ियों और बैठने के स्‍थान आदि का निर्माण कार्य शामिल है.
वहीं उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर जिले के चुनार शहर में 27.98 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले जल-मल बुनियादी ढांचे के कार्य की मंजूरी दी गई है, जिसके तहत नालों के अवरोधन और डाइवर्जन के अलावा 2 एमएलडी क्षमता के एक एसटीपी का निर्माण किया जाएगा.
यह भी उल्‍लेखनीय है कि बिहार में पटना में कंकड़बाग और दीघा तथा पश्चिम बंगाल में हावड़ा और कोलकाता की परियोजनाओं का कार्य पीपीपी मॉडल के आधार पर हाइब्रिड एन्‍यूटी के तहत किया जाएगा.
गंगा प्रवाह वाले पांच प्रमुख राज्‍यों में गंगा निगरानी केंद्रों की स्‍थापना करने से सबंधित एक परियोजना को भी मंजूरी दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत 46.69 करोड़ रुपये है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here