Home State News पहली ग्रामीण मैराथन को बैडमिंटन के ‘द्रोणाचार्य’ गोपीचंद ने दी हरी झंडी

पहली ग्रामीण मैराथन को बैडमिंटन के ‘द्रोणाचार्य’ गोपीचंद ने दी हरी झंडी

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मंत्रालय द्वारा ऐसी और दौड़ें दिल्ली में कराई जाएँगी, जिससे खेल गतिविधियों द्वारा युवाओं का सशक्तिकरण हो और साथ ही ग्रामीण स्तर पर टैलेंट को खोज की जा सके.

डेस्क.
नई दिल्ली. 06 अगस्त. स्लम युवा दौड़ की अपार सफलता के बाद अब खेल मंत्रालय ने प्रथम ग्रामीण मैराथन का आयोजन किया. निजामपुर में आयोजित प्रथम ग्रामीण मैराथन में युवाओं ने जोर-शोर से हिस्सा लिया. दौड़ में युवक और युवतियों की दो श्रेणियां रखी गर्इं, जिसमें लगभग 11,000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.
बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए बैडमिंटन के स्टार और नए युग के गुरु द्रोणाचार्य माने जाने वाले कोच पुलेला गोपीचंद ने मैराथन को हरी झंडी दी. गोपीचंद ने कहा कि मंत्रालय की यह एक अनोखी पहल है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका मिलेगा अपने टैलेंट को पहचानने के साथ ही इन्हीं में से भविष्य के पी.वी .सिंधु श्रीकांत जैसे खिलाड़ी शायद हमें मिल जाये.
मंत्रालय का मकसद है, कि ऐसे प्रतिभाओं को अच्छी से अच्छी सुविधाएं प्रदान की जायें जिससे उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिले.
मंत्रालय द्वारा ऐसी और दौड़ें दिल्ली में कराई जाएँगी, जिससे खेल गतिविधियों द्वारा युवाओं का सशक्तिकरण हो और साथ ही ग्रामीण स्तर पर टैलेंट को खोज की जा सके. खेलो इंडिया स्कीम के तहत खेल मंत्रालय यह मुहिम देश भर में चलाने पर विचार कर रहा है. प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले युवाओं को 21000, 11000 और 5000 रुपये की इनामी राशि दी गयी. साथ ही सभी प्रतिभागियों को टी. शर्ट और 10 अलग सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए.

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