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कांस्टीट्यूशन क्लब में 9 अगस्त को बीयूवीएम के 36वें स्थापना दिवस में जुटेंगे देश के भामाशाह

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36th Foundation day

राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी में जीएसटी कर प्रणाली में सुधार पर भी बात करेंगे व्यापारी


बीयूवीएम के चेयरमैन मनोहरलाल कुमार ने कहा कि व्यापारी सरकार से सिर्फ जीएसटी के सरलीकरण की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये एक ऐसी कर प्रणाली है जो पूरी तरह से डिजिटल है और इसमें मैनुअल काम करने की कोई गुंजाइश ही नहीं है. लिहाजा यह छोटे-बड़े सभी व्यापारियों को सीधे प्रभावित करती है.


डेस्क.
नई दिल्ली. 07 अगस्त. देश के करोड़ों व्यापारियों की संस्था भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (बीयूवीएम) का 36वां स्थापना दिवस बुधवार 9 अगस्त को इस बार दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में धूमधाम से मनाया जाएगा. इस कार्यक्रम में देश के कोने-कोने से हजारों की तादाद में छोटे-बड़े व्यापारी, दुकानदार और लघु उद्यमी भाग लेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री विजय गोयल मुख्य अतिथि, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार विशिष्ट अतिथि, केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री विष्णु देव साय और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू भी बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहेंगे.
बीयूवीएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद श्याम बिहारी मिश्र ने कहा कि यह 36वां व्यापारी दिवस खास है, क्योंकि हाल ही में देश में नई कर व्यवस्था जीएसटी की शुरूआत हुई है. उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने इस नई कर प्रणाली का तहेदिल से स्वागत किया है, लेकिन जल्दबाजी में लागू की गई इस नई कर प्रणाली में कई खामियां भी रह गयी हैं, जिन्हें दूर किया जाना बेहद जरूरी है. इस संबंध में व्यापारियों को सरकार से आश्वासन भी मिला है, लेकिन अभी तक उस पर पहल नहीं हुई है. मिश्र ने कहा कि व्यापारी दिवस और विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में देश के व्यापारियों को जीएसटी से संबंधित अपनी पीड़ा को व्यक्त करने का बेहतरीन मौका भी मिलेगा.
बीयूवीएम के चेयरमैन मनोहरलाल कुमार ने कहा कि व्यापारी सरकार से सिर्फ जीएसटी के सरलीकरण की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये एक ऐसी कर प्रणाली है जो पूरी तरह से डिजिटल है और इसमें मैनुअल काम करने की कोई गुंजाइश ही नहीं है. लिहाजा यह छोटे-बड़े सभी व्यापारियों को सीधे प्रभावित करती है. समारोह के संयोजक एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाल किशन अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी चाहते हैं कि सरकार नई कर प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए इसकी कर विसंगतियों और इसके जटिल व घातक प्रावधानों को दुरूस्त करे. उन्होंने कहा कि सर्वाधिक राजस्व अर्जित करने के साथ अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए जीएसटी में अधिकतम कर की दर 18 फीसदी ही रखना उचित होगा. वरिष्ठ महामंत्री विजय प्रकाश जैन ने कहा कि सम्मेलन में जीएसटी के अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियिम, खुदरा में एफडीआई, वायदा व्यापार एवं दिल्ली किराया कानून एवं व्यापार विकास जैसे विषयों पर चर्चा होगी.

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